परिचय
दीपावली, जिसे हम प्यार से **दीवाली** कहते हैं, भारत का सबसे उज्ज्वल और पवित्र त्योहार है। यह त्योहार हर वर्ष **कार्तिक अमावस्या** के दिन मनाया जाता है और इसे **प्रकाश का पर्व** कहा जाता है।
दीवाली का अर्थ है — *“अंधकार पर प्रकाश की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत।”*
दीवाली क्यों मनाई जाती है?
- भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी
हिंदू परंपरा के अनुसार, जब **भगवान श्रीराम 14 वर्षों के वनवास के बाद रावण का वध कर अयोध्या लौटे**, तब अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया।
अयोध्या दीपों की रोशनी से जगमगा उठी, और तभी से यह पर्व **दीपावली** कहलाया।
- माता लक्ष्मी का जन्म दिवस
इस दिन **धन की देवी माता लक्ष्मी** का प्रकट होना हुआ था। इसलिए लोग इस दिन **लक्ष्मी पूजा** कर समृद्धि और सौभाग्य की कामना करते हैं।
- अन्य धार्मिक मान्यताएँ
* दक्षिण भारत में इसे **भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर वध** के रूप में मनाया जाता है।
* जैन धर्म में यह **भगवान महावीर के निर्वाण दिवस** के रूप में पवित्र माना जाता है।
* सिख धर्म में यह दिन **गुरु हरगोविंद सिंह जी की मुक्ति (बंदी छोड़ दिवस)** के रूप में मनाया जाता है।
समाज में दीपावली का महत्व
1. स्वच्छता और नवीनीकरण का पर्व
दीवाली से पहले घरों की सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट की जाती है।
यह परंपरा हमें सिखाती है कि **स्वच्छता, सकारात्मकता और नई शुरुआत ही समृद्धि की कुंजी है।**
2. एकता और भाईचारे का प्रतीक
लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, मिठाइयाँ बाँटते हैं और पुराने मतभेद भुला देते हैं।
दीवाली समाज में **प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश** देती है।
3. आर्थिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण
यह त्योहार **व्यापार और खरीदारी का मौसम** लेकर आता है।
नए कपड़े, बर्तन, गहने और सजावट की वस्तुओं की बिक्री से **अर्थव्यवस्था को नई गति** मिलती है।
4. आध्यात्मिक दृष्टि
दीवाली हमें यह सिखाती है कि जैसे दीपक अंधकार को मिटाता है, वैसे ही हमें **अज्ञान, लालच और घृणा** जैसे अंधकारों को मिटाकर **ज्ञान, प्रेम और सत्य** का प्रकाश फैलाना चाहिए।
दीवाली का असली संदेश
दीवाली का सार है —> “एक दीपक ही अंधकार को मिटाने के लिए काफी है।”
यह त्योहार हमें सिखाता है कि चाहे जीवन कितना भी कठिन क्यों न हो, **आशा और प्रकाश की एक किरण** सब कुछ बदल सकती है।
आइए, इस दीपावली अपने घरों के साथ-साथ **अपने मन और समाज में भी प्रेम, रोशनी और सकारात्मकता** भरें।
निष्कर्ष
दीपावली केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक **जीवन दर्शन** है — जो हमें हर साल याद दिलाता है कि **अच्छाई, सच्चाई और प्रेम** ही सच्ची रोशनी हैं।
तो इस वर्ष, दीप जलाएँ केवल अपने घर में नहीं, बल्कि **हर दिल में** भी।

रावण के दस सिरों का रहस्य — अहंकार से आत्मा तक का सफर
रावण के दस सिरों का रहस्य — अहंकार से आत्मा तक का सफर भूमिका जब भी दशहरा आता है तो आकाश में रावण के दस

दीपावली 2025: अंधकार से प्रकाश की ओर — जानिए क्यों मनाई जाती है और इसका समाज में महत्व
परिचय दीपावली, जिसे हम प्यार से **दीवाली** कहते हैं, भारत का सबसे उज्ज्वल और पवित्र त्योहार है। यह त्योहार हर वर्ष **कार्तिक अमावस्या** के दिन

काकभुशुंडी: वह अमर कौआ जिसने 11 बार रामायण और 16 बार महाभारत देखी
काकभुशुंडी: वह अमर कौआ जिसने 11 बार रामायण और 16 बार महाभारत देखी परिचय: भारतीय सनातन परंपरा में अनेक महान भक्त और ज्ञानी ऋषियों का

महाशिवरात्रि 2025
महाशिवरात्रि (2025)हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह पर्व प्रतिवर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि

महाकुंभ मेले में भगदड़ 30 लोगों ने अपनी जान गवां दी
महाकुंभ मेले में भगदड़ 30 लोगों ने अपनी जान गवां दी प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के दौरान मंगलवार देर रात भगदड़ मचने से

प्रयागराज महाकुंभ मेला में आग (2025)
प्रयागराज महाकुंभ मेला में आग लगी (2025) 19 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 19 में स्थित गीता