दीपावली 2025: अंधकार से प्रकाश की ओर — जानिए क्यों मनाई जाती है और इसका समाज में महत्व

छठ पूजा सावधानियां

🌟 परिचय

दीपावली, जिसे हम प्यार से **दीवाली** कहते हैं, भारत का सबसे उज्ज्वल और पवित्र त्योहार है। यह त्योहार हर वर्ष **कार्तिक अमावस्या** के दिन मनाया जाता है और इसे **प्रकाश का पर्व** कहा जाता है।

दीवाली का अर्थ है — *“अंधकार पर प्रकाश की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत।”*

🪔 दीवाली क्यों मनाई जाती है?

  1. भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी

हिंदू परंपरा के अनुसार, जब **भगवान श्रीराम 14 वर्षों के वनवास के बाद रावण का वध कर अयोध्या लौटे**, तब अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया।

अयोध्या दीपों की रोशनी से जगमगा उठी, और तभी से यह पर्व **दीपावली** कहलाया।

  1. माता लक्ष्मी का जन्म दिवस

इस दिन **धन की देवी माता लक्ष्मी** का प्रकट होना हुआ था। इसलिए लोग इस दिन **लक्ष्मी पूजा** कर समृद्धि और सौभाग्य की कामना करते हैं।

  1. अन्य धार्मिक मान्यताएँ

* दक्षिण भारत में इसे **भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर वध** के रूप में मनाया जाता है।

* जैन धर्म में यह **भगवान महावीर के निर्वाण दिवस** के रूप में पवित्र माना जाता है।

* सिख धर्म में यह दिन **गुरु हरगोविंद सिंह जी की मुक्ति (बंदी छोड़ दिवस)** के रूप में मनाया जाता है।

🏠 समाज में दीपावली का महत्व

🧹1. स्वच्छता और नवीनीकरण का पर्व

दीवाली से पहले घरों की सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट की जाती है।

यह परंपरा हमें सिखाती है कि **स्वच्छता, सकारात्मकता और नई शुरुआत ही समृद्धि की कुंजी है।**

🤝2. एकता और भाईचारे का प्रतीक

लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, मिठाइयाँ बाँटते हैं और पुराने मतभेद भुला देते हैं।

दीवाली समाज में **प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश** देती है।

💰3. आर्थिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण

यह त्योहार **व्यापार और खरीदारी का मौसम** लेकर आता है।

नए कपड़े, बर्तन, गहने और सजावट की वस्तुओं की बिक्री से **अर्थव्यवस्था को नई गति** मिलती है।

🕯️ 4. आध्यात्मिक दृष्टि

दीवाली हमें यह सिखाती है कि जैसे दीपक अंधकार को मिटाता है, वैसे ही हमें **अज्ञान, लालच और घृणा** जैसे अंधकारों को मिटाकर **ज्ञान, प्रेम और सत्य** का प्रकाश फैलाना चाहिए।

✨ दीवाली का असली संदेश

दीवाली का सार है —> “एक दीपक ही अंधकार को मिटाने के लिए काफी है।”

यह त्योहार हमें सिखाता है कि चाहे जीवन कितना भी कठिन क्यों न हो, **आशा और प्रकाश की एक किरण** सब कुछ बदल सकती है।

आइए, इस दीपावली अपने घरों के साथ-साथ **अपने मन और समाज में भी प्रेम, रोशनी और सकारात्मकता** भरें।

🌿 निष्कर्ष

दीपावली केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक **जीवन दर्शन** है — जो हमें हर साल याद दिलाता है कि **अच्छाई, सच्चाई और प्रेम** ही सच्ची रोशनी हैं।

तो इस वर्ष, दीप जलाएँ केवल अपने घर में नहीं, बल्कि **हर दिल में** भी।

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